लखनऊ कोचिंग सेंटर में भीषण आग, 15 छात्रों की मौत; जान बचाने को पहली मंजिल से कूदे छात्र

Written by: Aman Sharma

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Aman Sharma

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22 जून 2026 को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में एक दर्दनाक हादसा सामने आया। एक व्यावसायिक भवन में संचालित कोचिंग सेंटर में अचानक भीषण आग लग गई, जिससे वहां मौजूद छात्र-छात्राओं में अफरा-तफरी मच गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार हादसे में 15 छात्रों की मौत हो गई जबकि कई अन्य घायल हो गए हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग इतनी तेजी से फैली कि कई छात्रों को जान बचाने के लिए पहली मंजिल से नीचे कूदना पड़ा। मौके पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और राहत एवं बचाव अभियान चलाया।

कैसे हुआ हादसा?

जानकारी के अनुसार जिस इमारत में आग लगी उसमें कोचिंग सेंटर के अलावा गेमिंग जोन, पालतू जानवरों से जुड़ी दुकानें और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी संचालित हो रहे थे।

स्थानीय लोगों का कहना है कि आग ऊपरी हिस्से से शुरू हुई और कुछ ही मिनटों में पूरे परिसर में फैल गई। धुएं और आग की वजह से अंदर फंसे छात्रों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला।

कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं जिनमें छात्र खिड़कियों और टूटे हुए शीशों से बाहर निकलने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं।

कई छात्रों ने लगाई छलांग

घटना के दौरान कई छात्र खिड़कियों के रास्ते बाहर निकलने की कोशिश करते देखे गए।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कम से कम 5 से 7 छात्रों ने पहली मंजिल से छलांग लगाई। कुछ छात्रों को गंभीर चोटें आई हैं जबकि कई घायल छात्रों का इलाज अस्पतालों में चल रहा है।

एक वायरल वीडियो में एक युवक खिड़की से बाहर निकलते समय नीचे गिरता हुआ दिखाई दे रहा है। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।

24 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया

राहत एवं बचाव कार्य के दौरान कुल 24 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें से 15 को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

घायलों का इलाज किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) ट्रॉमा सेंटर सहित अन्य अस्पतालों में जारी है।

अधिकारियों का कहना है कि सभी घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

SIT जांच के आदेश, चार अधिकारी निलंबित

घटना के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं।

रिपोर्ट के अनुसार:

  • चार अधिकारियों को निलंबित किया गया
  • दो सदस्यीय SIT गठित की गई
  • छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
  • चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया

जांच में यह पता लगाया जाएगा कि इमारत में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया घटनास्थल का दौरा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर दुख जताते हुए अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए और सीधे लखनऊ पहुंचे।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।


प्रधानमंत्री मोदी ने की मुआवजे की घोषणा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया।

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से:

  • मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख
  • घायलों को ₹50,000

की सहायता राशि देने की घोषणा की गई।


राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जताया शोक

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।


राहुल गांधी ने भी जताया दुख

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त किया और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।


राहत और बचाव अभियान कैसे चलाया गया?

आग की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। कई दमकल गाड़ियों को बुलाया गया और आसपास के इलाके को खाली कराया गया।

राहत कर्मियों ने इमारत में फंसे लोगों को निकालने के लिए सीढ़ियों और अन्य उपकरणों का उपयोग किया। कुछ छात्रों को खिड़कियों के रास्ते बाहर निकाला गया, जबकि कई घायल छात्रों को तुरंत एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल भेजा गया।

स्थानीय लोगों ने भी बचाव अभियान में मदद की। कई वीडियो सामने आए हैं जिनमें लोग घायल छात्रों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाते दिखाई दे रहे हैं।

प्रशासन का कहना है कि सर्च ऑपरेशन पूरा कर लिया गया है और अब इमारत के प्रत्येक हिस्से की तकनीकी जांच की जाएगी।

क्या अग्नि सुरक्षा नियमों का हुआ उल्लंघन?

इस हादसे के बाद एक बार फिर देशभर में कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक भवनों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी शिक्षण संस्थान में:

  • फायर एग्जिट
  • फायर अलार्म
  • आपातकालीन निकास
  • नियमित सुरक्षा जांच

अनिवार्य होनी चाहिए।

SIT की रिपोर्ट आने के बाद हादसे के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

पीड़ित परिवारों में पसरा मातम

हादसे की खबर फैलते ही कोचिंग सेंटर के बाहर बड़ी संख्या में अभिभावक और परिजन पहुंच गए। कई परिवारों को अपने बच्चों की जानकारी नहीं मिल रही थी, जिसके कारण स्थिति बेहद भावुक हो गई।

अस्पतालों के बाहर भी बड़ी संख्या में लोग जमा रहे। कई अभिभावक अपने बच्चों की पहचान और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के लिए घंटों इंतजार करते रहे।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटनास्थल पर कई ऐसे दृश्य देखने को मिले जिन्होंने सभी को झकझोर दिया। माता-पिता अपने बच्चों को खोजते नजर आए और कई लोग रोते-बिलखते दिखाई दिए।

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