बिहार के पटना में BJP दफ्तर के बाहर हुआ बवाल। जेपी नड्डा ने बदली अपनी लोकेशन। धरने पर संविदाकर्मी हुआ बड़ा बवाल जाने पूरी खबर
पटना में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दफ्तर के बाहर शुक्रवार को उस समय भारी बवाल खड़ा हो गया जब संविदाकर्मियों ने अपने मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। बताया जा रहा है कि यह प्रदर्शन अचानक उग्र हो गया, जिसके कारण पुलिस को हालात संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। इसी बीच बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, जो पटना दौरे पर थे, ने सुरक्षा कारणों से अपना कार्यक्रम स्थल बदल दिया।
क्या है पूरा मामला?
बिहार के विभिन्न विभागों में काम करने वाले संविदाकर्मी लंबे समय से अपनी नौकरी की स्थायीकरण, समान वेतनमान और सामाजिक सुरक्षा लाभ की मांग कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने का ऐलान किया था। शुक्रवार को बड़ी संख्या में संविदाकर्मी पटना में जुटे और बीजेपी दफ्तर के बाहर धरने पर बैठ गए। शुरू में यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन अचानक नारों और धक्का-मुक्की के बीच स्थिति बिगड़ गई।
पटना: पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव
पटना में संविदाकर्मियों और पुलिस के बीच हुआ टकराव केवल एक आकस्मिक झड़प नहीं, बल्कि सरकार और प्रशासन की संवेदनहीनता का परिणाम माना जा रहा है। संविदाकर्मी लंबे समय से अपनी नौकरी के स्थायीकरण, समान वेतन और सुरक्षा लाभ जैसी बुनियादी मांगों को लेकर संघर्षरत हैं, लेकिन उनकी बातों पर ठोस पहल नहीं हो रही। जब जनता की आवाज अनसुनी रह जाती है, तो आंदोलन स्वाभाविक रूप से सड़कों पर उतर आता है।
हालांकि, प्रदर्शन के दौरान हिंसा या अराजकता किसी भी तरह से उचित नहीं ठहराई जा सकती। मगर यह भी सच है कि पुलिस की भूमिका केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित होनी चाहिए। लाठीचार्ज और बल प्रयोग से समस्या का हल नहीं निकलता, बल्कि हालात और बिगड़ जाते हैं। संविदाकर्मियों की नाराज़गी पर संवाद और वार्ता ही एकमात्र रास्ता है।
इस टकराव ने यह साफ कर दिया कि राज्य सरकार और राजनीतिक दलों को अब संविदाकर्मियों की समस्याओं को गंभीरता से लेना होगा। हर बार केवल सुरक्षा बलों के सहारे प्रदर्शन दबाना न तो लोकतंत्र के अनुकूल है और न ही सामाजिक शांति के लिए सही। अगर प्रशासन ने समय रहते संविदाकर्मियों से बातचीत की होती, तो शायद पटना की सड़कों पर यह बवाल टाला जा सकता था।
जेपी नड्डा की सुरक्षा पर सवाल
इसी दौरान बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा का पटना में कार्यक्रम चल रहा था। सुरक्षा एजेंसियों ने हालात को देखते हुए उन्हें प्रस्तावित स्थल से हटाकर दूसरी जगह ले जाने का निर्णय लिया। सूत्रों के मुताबिक, नड्डा की सुरक्षा में कोई चूक न हो, इसके लिए उनकी लोकेशन आखिरी समय पर बदली गई। हालांकि बीजेपी नेताओं ने साफ किया कि यह एक सामान्य सुरक्षा कदम था और नड्डा का दौरा पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही जारी रहेगा।
विपक्ष का हमला और बीजेपी की सफाई
बवाल के बाद विपक्षी दलों ने बीजेपी पर तीखा हमला बोला। राजद और कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाया कि जब संविदाकर्मी अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर हैं, तब केंद्र और राज्य में बीजेपी क्यों चुप है? विपक्ष ने इसे जनता की आवाज को दबाने का प्रयास बताया।
वहीं, बीजेपी नेताओं ने कहा कि संविदाकर्मियों की मांगें राज्य सरकार से जुड़ी हैं और इस मुद्दे पर बातचीत के जरिए समाधान तलाशा जाना चाहिए। पार्टी ने पुलिस कार्रवाई को ‘कानून-व्यवस्था बनाए रखने की मजबूरी’ बताया।
संविदाकर्मियों की सरकार को चेतावनी
फिलहाल पटना का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। संविदाकर्मियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं लिया जाएगा, तब तक आंदोलन और तेज किया जाएगा। उधर, प्रशासन ने सुरक्षा कड़ी कर दी है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
यह घटना न केवल बिहार की राजनीति में हलचल पैदा कर रही है बल्कि बीजेपी के राष्ट्रीय नेतृत्व के दौरे के दौरान हुई, जिससे इसका महत्व और बढ़ गया है। अब देखना होगा कि सरकार और बीजेपी नेतृत्व इस विवाद को कैसे संभालते हैं।
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