Siwan के मैरवा में सरकारी अस्पताल में बड़ी लापरवाही सामने आई। जुखाम-बुखार से पीड़ित व्यक्ति को दी गई कुत्ता काटने की vaccine जाने पूरी खबर।
बिहार के Siwan जिले के मैरवा स्थित सरकारी अस्पताल में स्वास्थ्यकर्मियों की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, जुखाम और बुखार से पीड़ित एक व्यक्ति इलाज कराने अस्पताल पहुंचा था। सामान्य जांच और दवा देने के बजाय चिकित्साकर्मियों ने उसे गलती से कुत्ता काटने की वैक्सीन (Anti-Rabies Vaccine) लगा दी। इस घटना के बाद मरीज और परिजनों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने अस्पताल प्रशासन से जवाबदेही की मांग की।
पीड़ित व्यक्ति का आरोप
Siwan के मैरवा में परिजनों ने आरोप लगाया कि डॉक्टर या नर्स ने मरीज की सही जांच किए बिना ही इंजेक्शन लगा दिया। बाद में जब मामले की जानकारी हुई तो हड़कंप मच गया। विशेषज्ञों के अनुसार, जिस मरीज को इसकी आवश्यकता नहीं होती, उसे एंटी-रेबीज़ वैक्सीन देने से शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इससे मरीज की इम्यूनिटी प्रभावित हो सकती है और दुष्प्रभाव की आशंका भी बनी रहती है।
मरीज पर प्रभाव
विशेषज्ञों के अनुसार, अगर किसी सामान्य मरीज (जिसे कुत्ता या कोई जानवर नहीं काटा है) को गलती से कुत्ता काटने की वैक्सीन (Anti-Rabies Vaccine) लगा दी जाए तो इसके प्रभाव मरीज की स्थिति, उम्र और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता पर निर्भर करते हैं। सामान्यतः यह वैक्सीन बहुत सुरक्षित मानी जाती है, लेकिन अनावश्यक रूप से देने पर कुछ दुष्प्रभाव हो सकते हैं।
संभावित प्रभाव
1. हल्के दुष्प्रभाव –
- इंजेक्शन वाली जगह पर दर्द, सूजन या लालपन।
- हल्का बुखार या शरीर में थकान।
- सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द।
2. मध्यम दुष्प्रभाव –
- चक्कर आना या कमजोरी महसूस होना।
- उल्टी या पेट खराब होना।
- एलर्जी जैसी प्रतिक्रिया (खुजली या दाने)।
3. गंभीर दुष्प्रभाव (बहुत दुर्लभ) –
- सांस लेने में दिक्कत।
- चेहरे/गले में सूजन।
- बेहोशी जैसी स्थिति।
- मरीज के लिए जोखिम
चूँकि Siwan के मैरवा में पीड़ित मरीज पहले से ही जुखाम-बुखार से पीड़ित था, इसलिए इस अतिरिक्त वैक्सीन से उसकी तबीयत और बिगड़ सकती थी।
इम्यून सिस्टम पर अनावश्यक दबाव पड़ता है, जिससे पहले से चल रही बीमारी का असर बढ़ सकता है।
अगर मरीज को किसी दवा या वैक्सीन से एलर्जी है, तो यह गंभीर खतरा
मामले की पूरी जांच
1. मरीज का बयान – मरीज और उसके परिजनों से पूछताछ की जाएगी कि कब और कैसे वैक्सीन लगाई गई।
2. ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ की पूछताछ – उस समय ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर, नर्स या वार्ड बॉय से पूछताछ होगी कि किसके निर्देश पर इंजेक्शन दिया गया।
3. अस्पताल रजिस्टर/प्रिस्क्रिप्शन की जांच – अस्पताल में दर्ज इलाज से जुड़े रिकॉर्ड और प्रिस्क्रिप्शन की जांच की जाएगी कि वास्तव में क्या दवा लिखी गई थी।
4. CCTV फुटेज (अगर उपलब्ध हो) – इंजेक्शन दिए जाने की पुष्टि और जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान के लिए फुटेज देखी जा सकती है।
5. मेडिकल रिपोर्ट – मरीज की वर्तमान स्थिति का मेडिकल परीक्षण कर यह देखा जाएगा कि वैक्सीन से कोई गंभीर दुष्प्रभाव तो नहीं हुआ।
6. जवाबदेही तय करना – जांच समिति तय करेगी कि गलती नर्स की थी, डॉक्टर की लापरवाही थी या प्रशासनिक स्तर पर कोई गड़बड़ी हुई।
Siwan Hospital संभावित कार्रवाई की मांग
- दोषी पाए जाने पर संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों पर निलंबन, विभागीय कार्रवाई या सेवा से बर्खास्तगी की कार्रवाई हो सकती है।
- यदि मरीज की हालत बिगड़ी है, तो अस्पताल प्रशासन को मुआवजा देने की भी सिफारिश की जा सकती है।
- स्वास्थ्य विभाग भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) को और कड़ा कर सकता है।
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