Siwan: सरकारी अस्पताल में खून से सनी जमीन, बंपर लड़ाई में कई जख्मी

By himanshu gupta

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Siwan के मैरवा स्थित सरकारी अस्पताल

Siwan के मैरवा में सरकारी अस्पताल में हुआ बंपर लड़ाई हुआ खूनी प्रहार। बहुत सारे लोग घायल जाने पूरी खबर

Siwan के मैरवा स्थित सरकारी अस्पताल में मंगलवार को अचानक बड़ा बवाल हो गया। दो गुटों के बीच हुई झड़प ने हिंसक रूप ले लिया और देखते-ही-देखते अस्पताल का माहौल रणक्षेत्र में बदल गया। लाठी-डंडे और धारदार हथियारों से हमला होने की वजह से कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।

कैसे हुआ विवाद?

स्थानीय सूत्रों के अनुसार झगड़े की जड़ Siwan के मैरवा प्रखंड के चिपचिपा गांव से जुड़ा हुआ है। वहाँ दो पक्षों के बीच पहले से तनातनी चल रही थी। इसी विवाद का असर अस्पताल तक पहुँचा गया। मंगलवार को दोनों गुटों के लोग अस्पताल में आमने-सामने आ गए। मामूली कहासुनी के बाद देखते-ही-देखते मामला हाथापाई और फिर हिंसक संघर्ष में बदल गया।

अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

यह घटना अस्पताल प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। जहां लोगों को इलाज और राहत मिलने की उम्मीद होती है, वहीं इस तरह का खूनी खेल होना बेहद चिंताजनक है। कई मरीज और परिजन घटना के समय इधर-उधर भागते दिखाई दिए। कुछ लोगों ने बताया कि मारपीट के दौरान अस्पताल का सामान्य कामकाज भी बाधित हो गया।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि अस्पताल में लंबे समय से पर्याप्त पुलिस बल या सीसीटीवी जैसी व्यवस्थाएँ नहीं हैं। ऐसे में किसी भी विवाद या झगड़े को रोकना मुश्किल हो जाता है। इस घटना ने साफ कर दिया कि अस्पताल में न केवल इलाज की सुविधाएँ दुरुस्त करने की जरूरत है, बल्कि मजबूत सुरक्षा व्यवस्था भी तत्काल लागू करनी होगी।

पुलिस की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही मैरवा थाने की पुलिस टीम अस्पताल पहुँची और हालात को काबू में लिया। मौके पर तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल भी बुलाया गया। पुलिस ने दोनों गुटों के कई लोगों को हिरासत में लिया और उनसे पूछताछ शुरू कर दी है।

थाना प्रभारी के अनुसार, चिपचिपा गांव से शुरू हुए इस विवाद के तार आपसी रंजिश से जुड़े हैं। फिलहाल घायलों का इलाज जारी है और पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दोषियों की पहचान कर जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल जैसी जगह पर कानून-व्यवस्था तोड़ने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इस घटना के बाद प्रशासन ने अस्पताल परिसर में स्थायी पुलिस चौकी बनाने पर भी विचार शुरू कर दिया है, ताकि भविष्य में ऐसी नौबत न आए।

जनभावना और चिंता

Siwan के मैरवा सरकारी अस्पताल में हुई इस हिंसक झड़प ने आम जनता के बीच गहरी नाराज़गी और चिंता पैदा कर दी है। लोगों का कहना है कि अस्पताल वह जगह है जहाँ मरीजों और उनके परिजनों को राहत, सुरक्षा और इलाज मिलना चाहिए, लेकिन यहाँ खून-खराबा और मारपीट होना बेहद शर्मनाक है।

स्थानीय सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने घटना की कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि यह केवल कानून-व्यवस्था की कमजोरी ही नहीं, बल्कि सरकारी सिस्टम की लापरवाही भी है। कई लोगों ने मांग की कि जिला प्रशासन अस्पतालों में सुरक्षा गार्डों की संख्या बढ़ाए, सीसीटीवी लगाए और पुलिस चौकी स्थापित करे।

लोगों का यह भी कहना है कि अगर अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर हिंसा नहीं रुकी, तो आम आदमी का सरकारी व्यवस्था पर से विश्वास उठ जाएगा। समाज में डर और अविश्वास का माहौल पैदा होना किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए खतरनाक है।

निष्कर्ष

Siwan के मैरवा सरकारी अस्पताल में हुआ यह खूनी संघर्ष केवल दो गुटों की आपसी रंजिश का परिणाम नहीं है, बल्कि यह प्रशासनिक लापरवाही और कमजोर सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी निशानी भी है। जिस जगह लोगों को इलाज और राहत मिलनी चाहिए, वहाँ खून-खराबा होना गंभीर चेतावनी है।

यह घटना बताती है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा इंतज़ामों को लेकर अब कोई लापरवाही नहीं की जा सकती। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और अस्पतालों में मजबूत सुरक्षा व्यवस्था ही ऐसी घटनाओं को रोकने का एकमात्र उपाय है। प्रशासन अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाता, तो जनता का भरोसा सरकारी संस्थानों से उठना तय है।

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हिमांशु गुप्ता | प्रोफेशनल कंटेंट राइटर एवं डिजिटल जनरलिस्ट रचनात्मक लेखन और डिजिटल रणनीति में निपुण, ब्रांड्स और व्यक्तियों को प्रभावशाली कंटेंट व डिजिटल पहचान बनाने में मददगार।

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