Siwan में मतदाता सूची में निकल के आया चौंकाने वाली खबर। एक ही घर में रह रहे हिन्दू ब्राह्मण और मुसलमान।जाने पूरी खबर
बिहार के Siwan ज़िले से आई मतदाता सूची ने लोगों को चौंका दिया है। सूची में एक ही घर के पते पर हिन्दू ब्राह्मण और मुसलमान परिवार का नाम दर्ज पाया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह संभवतः लापरवाही या डेटा एंट्री की गलती है, लेकिन इससे लोगों में उत्सुकता और चर्चा दोनों बढ़ गई हैं।
चुनाव आयोग की टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सत्यापन के बाद सही जानकारी मतदाता सूची में दर्ज की जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों से पारदर्शिता पर सवाल उठ सकते हैं और चुनावी प्रक्रिया में और सख़्ती की ज़रूरत है।
Siwan की इस घटना ने यह भी दिखाया कि मतदाता सूची जैसी संवेदनशील प्रक्रिया में थोड़ी सी चूक भी बड़ी ख़बर बन सकती है।
Siwan घटना का संक्षिप्त विवरण
बिहार के Siwan जिले में वार्ड नंबर 27 के मकान संख्या 9 में रहने वाले सैफुल्लाह बताते है कि मेरे मकान में केवल 8 लोग ही रहते है लेकिन मतदाता सूची की लिस्ट में कुल 24 लोग को दिखाया गया है। उनका कहना है कि मेरे परिवार में जो 8 लोग रहते है उन के अलावा वो किसी को न ही जानते और न ही पहचानते है। जिनका नाम लिस्ट में हिंदू ब्राह्मण के तौर पर है।
जिम्मेदार कौन?
Siwan की मतदाता सूची में सामने आई गड़बड़ी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ही घर में हिन्दू ब्राह्मण और मुसलमान परिवार का नाम दर्ज होना केवल सामान्य भूल नहीं माना जा सकता। इसकी ज़िम्मेदारी सबसे पहले स्थानीय बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) और फिर मतदाता सूची सत्यापन टीम पर आती है।
मतदाता सूची बनाने और अपडेट करने की पूरी प्रक्रिया चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों पर होती है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर यदि अधिकारी पूरी ईमानदारी से जांच न करें तो ऐसी गलतियाँ हो जाती हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि घर-घर जाकर सत्यापन ठीक से हुआ होता, तो यह गड़बड़ी संभव ही नहीं थी।
नतीजतन, सवाल उठता है कि क्या यह मात्र लापरवाही है या कामचोरी का परिणाम? जवाब साफ़ है—जिम्मेदारी स्थानीय चुनाव अधिकारियों की है और सुधार की पूरी ज़िम्मेदारी भी उन्हीं पर है।
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