Siwan जिले के Mairwa थाना क्षेत्र में अवैध नसा कारोबार के खिलाफ जीरादेई विधान सभा के विधायक ने की थाने की घेराबंदी हुआ बड़ा बवाल। जाने पूरी खबर
27 अगस्त 2025 को Siwan जिले के Mairwa थाना क्षेत्र में विधायक अमरजीत कुशवाहा के नेतृत्व में एक सजग और प्रभावशाली नशा विरोधी आंदोलन सामने आया। शुरूआत एक विशाल नागरिक मार्च के रूप में हुई, जिसमे मिसकरही व अन्य मुहल्लों के अनेक महिला-पुरुष शामिल हुए। यह मार्च थाने तक जाकर विरोध-प्रदर्शन में तब्दील हुआ, जहाँ विधायक ने पुलिस को स्मैक और शराब कारोबारियों की सूची सौंपते हुए तत्काल गिरफ्तारी की मांग पेश की।
विधायक ने कहा कि बिहार में लागू शराबबंदी केवल नाम की है, क्योंकि मादक पदार्थ अवैध रूप से फोन कॉल द्वारा घरों तक पहुंचा रहे हैं। उन्होंने विशेषकर मोतिछापर, नौकाटोला, स्टेशन चौक व सब्जी मंडी जैसे क्षेत्रों को उजागर किया, जहाँ स्मैक व शराब खुलेआम बिकने की आशंका जताई। इस दौरान विधायक ने Mairwa थानाध्यक्ष राहुल कुमार को दस दिनों के अंदर कार्रवाई का आश्वासन दिया तथा इसे एक स्पष्ट चेतावनी के रूप में पेश किया।
Siwan : पुलिस की करवाई
जीरादेई विधायक अमरजीत कुशवाहा के नेतृत्व में 27 अगस्त को हुए विरोध और थाने के घेराव के बाद पुलिस प्रशासन पर काफ़ी दबाव बढ़ा। थानाध्यक्ष राहुल कुमार जो की नये है ने मौके पर ही आश्वासन दिया था कि दस दिनों के भीतर स्मैक व शराब कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और गिरफ्तारी की जाएगी।
Siwan छापेमारी अभियान शुरू
- विरोध प्रदर्शन के अगले ही दिन पुलिस ने कई इलाकों में ताबड़तोड़ छापेमारी अभियान चलाया। खासकर मिसकरही, मोतिछापर, नौकाटोला, स्टेशन चौक, नई व पुरानी सब्जी मंडी जैसे इलाकों को टारगेट किया गया।
- पुलिस टीम ने कई ठिकानों पर दबिश दी।
- कुछ जगहों से शराब की बोतलें और नशे से जुड़े सामान भी बरामद हुए।
- कई कारोबारियों को चिन्हित कर उनकी सूची बनाई गई।
गिरफ्तारी में बाधा
- हालांकि अभी तक किसी बड़े कारोबारी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। कारण यह बताया जा रहा है कि
- पुलिस कार्रवाई की भनक मिलते ही कई कारोबारी ठिकाना बदलकर फरार हो गए।
- कुछ कारोबारियों ने अपना धंधा अस्थायी तौर पर बंद कर दिया है और भूमिगत हो गए हैं।
- स्थानीय लोगों की मदद
नागरिकों ने भी पुलिस को कई संदिग्ध कारोबारियों के नाम और ठिकाने बताए। इससे पुलिस को नेटवर्क समझने में मदद मिल रही है। और गिरफ्तारी में सहायता मिल रही है।

जाँच और दबाव
पुलिस अब इन कारोबारियों के आपूर्ति नेटवर्क और फोन कॉल डिलीवरी सिस्टम की भी जांच कर रही है। संभावना है कि आने वाले दिनों में गिरफ्तारी और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
परिणाम स्वरूप थाने के घेराव के बाद पुलिस की सक्रियता तो बढ़ी है, लेकिन अभी तक कार्रवाई का नतीजा गिरफ्तारी के रूप में सामने नहीं आया है। इससे लोगों में कुछ निराशा भी है।स्थानीय लोग अब यह देखना चाहते हैं कि आने वाले दिनों में पुलिस अपने आश्वासन को किस हद तक पूरा करती है। यदि गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई होती है, तो यह अभियान इलाके में नशा कारोबार खत्म करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
मैरवा थाना घेराव अब केवल एक विरोध प्रदर्शन भर नहीं रह गया है, बल्कि यह सिवान जिले में अवैध नशा कारोबार के खिलाफ जनआंदोलन का रूप ले चुका है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस वास्तव में कितनी सख्त कार्रवाई करती है और क्या इससे नशा कारोबार की जड़ें हिल पाती हैं।
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