बिहार के Siwan जिले में नगर परिषद के अधिकारियों पर पड़ा EOU का रेड। आय से 79% अधिक संपति मच गया हड़कंप जाने पूरी खबर
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ विशेष सतर्कता इकाई (EOU) की कार्रवाई लगातार तेज़ हो रही है। ताज़ा मामला सीवान जिले का है, जहां नगर परिषद के अधिकारियों के ठिकानों पर बुधवार को तड़के ही छापेमारी की गई। यह कार्रवाई उस समय हुई जब जांच एजेंसी को अधिकारियों की संपत्ति और उनकी घोषित आय में भारी अंतर की शिकायतें मिली थीं।
आय से कहीं अधिक संपत्ति का खुलासा
जांच एजेंसी को लंबे समय से नगर परिषद के कुछ अधिकारियों पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायतें मिल रही थीं। इन्हीं आरोपों की पुष्टि के लिए EOU ने अचानक छापेमारी की। शुरुआती जांच में यह सामने आया कि एक अधिकारी की संपत्ति उनकी घोषित आय से करीब 79% अधिक पाई गई है। बरामद संपत्ति में नकदी, जमीन-जायदाद के दस्तावेज, बैंक खातों से जुड़ी जानकारियां और निवेश संबंधी कागजात शामिल हैं।
कई ठिकानों पर एक साथ दबिश
EOU की टीम ने तड़के ही अधिकारी के घर और अन्य ठिकानों पर दबिश दी। जांच में कई अहम दस्तावेज़ जब्त किए गए। यह भी सामने आया कि अधिकारी ने अपनी संपत्ति को छिपाने के लिए रिश्तेदारों और करीबी परिचितों के नाम पर भी ज़मीन और मकान ख़रीद रखे हैं। टीम फिलहाल जब्त दस्तावेज़ों की गहन जांच कर रही है।
Siwan नगर परिषद और स्थानीय ठेकेदारों में खलबली
इस कार्रवाई के बाद नगर परिषद के अन्य कर्मचारियों और स्थानीय ठेकेदारों में हलचल तेज़ हो गई है। लंबे समय से नगर परिषद की योजनाओं में गड़बड़ियों और अनियमितताओं की शिकायतें जनता कर रही थी। अब EOU की इस छापेमारी से उन आरोपों को और बल मिला है।
आगे की कार्रवाई तय
Siwan EOU अधिकारियों के मुताबिक, बरामद दस्तावेज़ों की जांच के बाद आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज किया जाएगा। अगर आरोप साबित होते हैं तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ निलंबन, विभागीय कार्रवाई और जेल तक का रास्ता साफ हो सकता है।
जनता में उम्मीद
इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोग इसे भ्रष्टाचार पर अंकुश की दिशा में बड़ा कदम मान रहे हैं। जनता की उम्मीद है कि ऐसी कार्रवाइयाँ केवल Siwan ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार में की जाएँ, ताकि सरकारी व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
इस कार्रवाई के बाद जिले भर में हड़कंप मच गया है। नगर परिषद में कार्यरत कर्मचारियों और स्थानीय ठेकेदारों में चर्चा है कि लंबे समय से भ्रष्टाचार और घोटालों की शिकायतें होती रही थीं, लेकिन अब जाकर बड़ी कार्रवाई हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर परिषद की योजनाओं में गड़बड़ियों की वजह से आम जनता को कई दिक़्क़तों का सामना करना पड़ता रहा है।
EOU अधिकारियों का बयान
EOU अधिकारियों का कहना है कि अभी छापेमारी और दस्तावेज़ों की जांच जारी है। शुरुआती निष्कर्ष के आधार पर आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज किया जाएगा और आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी। अगर आरोप पुख़्ता साबित होते हैं तो संबंधित अधिकारी को निलंबन और जेल दोनों का सामना करना पड़ सकता है।
स्थानीय लोग इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार पर सख़्त प्रहार मान रहे हैं और उम्मीद जता रहे हैं कि ऐसी छापेमारी पूरे बिहार में जारी रहेगी।
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