बिहार BPSC TRI-4 शिक्षक अभ्यर्थियों पर हुआ लाठी charge गुस्साए राहुल गांधी कर दिया बड़ा ऐलान। सामने आए बड़े–बड़े नेता। जाने पूरी खबर
बिहार में बीते दिनों हुए BPSC TRI-4 शिक्षक भर्ती से जुड़े घटनाक्रम ने एक बार फिर राज्य की राजनीति को गरमा दिया है। दरअसल, राजधानी पटना में शिक्षक अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने पहुँचे इन अभ्यर्थियों पर पुलिस ने अचानक लाठीचार्ज कर दिया। इस कार्रवाई में कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए। घटना के बाद से ही सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं और विपक्ष ने इसे बड़ा मुद्दा बना लिया है।
अभ्यर्थियों में आक्रोश: रोजगार का इंतजार और टूटा भरोसा
बिहार में हाल ही में हुई BPSC TRI-4 शिक्षक भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों की नाराज़गी लगातार बढ़ रही है। लंबे समय से परीक्षा की तैयारी कर रहे इन युवाओं का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया न केवल धीमी है, बल्कि इसमें कई तरह की गड़बड़ियाँ भी सामने आ रही हैं।
अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार ने समय पर पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती कराने का वादा किया था, लेकिन वास्तविकता इसके उलट नज़र आ रही है। परिणाम आने में देरी, सीटों की स्पष्ट जानकारी न मिलना और नियुक्ति की प्रक्रिया का अटकना, युवाओं की उम्मीदों को तोड़ रहा है। यही वजह है कि वे सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने को मजबूर हुए।
पटना में हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे इन युवाओं पर पुलिस लाठीचार्ज ने उनकी नाराज़गी और बढ़ा दी। उनका कहना है कि रोजगार माँगना अपराध नहीं है, फिर भी उन्हें दबाया जा रहा है।
आज अभ्यर्थियों की यह नाराज़गी केवल नौकरी पाने की चाहत तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह सरकार से भरोसा टूटने का प्रतीक बन चुकी है। यदि जल्द ही भर्ती प्रक्रिया को स्पष्ट और तेज़ नहीं किया गया, तो यह असंतोष आने वाले समय में बड़ा आंदोलन का रूप ले सकता है।
राहुल गांधी का तीखा हमला : बेरोज़गार युवाओं के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं
बिहार में BPSC TRI-4 शिक्षक अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि जब युवा अपनी जायज़ माँगों को लेकर सड़क पर उतरते हैं तो उन्हें सुना जाना चाहिए, न कि लाठियों से दबाया जाना चाहिए।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि बेरोज़गारी आज देश की सबसे बड़ी समस्या है। करोड़ों युवाओं को रोजगार देने का वादा करने वाली सरकार नाकाम रही है। अब जब वही युवा नौकरी और भविष्य की सुरक्षा के लिए आवाज़ उठाते हैं तो उन पर अत्याचार किया जाता है। उन्होंने इसे “युवाओं के आत्मसम्मान पर हमला” करार दिया।
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी हमेशा छात्रों और बेरोज़गारों की लड़ाई में साथ खड़ी रहेगी। राहुल गांधी ने अभ्यर्थियों को आश्वासन दिया कि उनकी आवाज़ संसद और सड़क, दोनों जगह गूँजेगी।
उनका यह बयान विपक्षी राजनीति को और धार देने वाला साबित हो रहा है। जहाँ एक ओर अभ्यर्थियों का गुस्सा सरकार पर है, वहीं राहुल गांधी जैसे बड़े नेता की खुली समर्थन भरी प्रतिक्रिया युवाओं में नई ऊर्जा भर रही है।
अन्य बड़े नेताओं की प्रतिक्रिया
राहुल गांधी के अलावा कई विपक्षी नेताओं ने भी इस लाठीचार्ज की निंदा की। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने इसे सरकार की विफलता करार दिया और कहा कि जब सरकार के पास सवालों का जवाब नहीं होता, तो वह पुलिस बल के सहारे विरोध को दबाने लगती है। वहीं वाम दलों ने भी इस पर आक्रोश जताया और अभ्यर्थियों की माँगों को तुरंत मानने की अपील की। सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर युवाओं और बुद्धिजीवियों ने सरकार को घेरा।
सरकार की सफाई
सरकार की ओर से यह कहा गया कि प्रदर्शनकारियों ने कुछ जगहों पर क़ानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की, जिसके कारण पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। हालांकि विपक्ष इस तर्क को मानने को तैयार नहीं है। उनका कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है और उस पर बल प्रयोग किसी भी हाल में जायज़ नहीं ठहराया जा सकता।
राजनीतिक असर
बिहार में 2025 का विधानसभा चुनाव धीरे-धीरे नज़दीक आ रहा है। ऐसे में बेरोज़गारी और शिक्षक भर्ती जैसे मुद्दे राजनीतिक रूप से बेहद अहम हैं। लाठीचार्ज की यह घटना युवाओं की भावनाओं को गहराई से प्रभावित कर सकती है। विपक्ष इसे बड़ा मुद्दा बनाकर सरकार को घेरने की तैयारी में है, वहीं सरकार बचाव की कोशिश कर रही है।
कुल मिलाकर शिक्षक अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज की यह घटना केवल एक प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि युवाओं के असंतोष का प्रतीक बन गई है। यह स्पष्ट है कि बेरोज़गारी और भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता आने वाले समय में बिहार की राजनीति का केंद्रीय मुद्दा बनने जा रही है। विपक्ष के बड़े–बड़े नेताओं की प्रतिक्रिया से यह भी साफ है कि आने वाले दिनों में इस पर सियासी घमासान और तेज़ होगा।
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