बिहार में विधानसभा चुनाव में तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार से किया 12 तीखे सवाल सियासी मामला हुआ और तेज। चुनाव से पहले बड़ा बिहार का तापमान। जाने पूरी खबर
बिहार की सियासत में चुनावी हलचल तेज होती जा रही है। विधानसभा चुनाव के ऐलान से पहले ही राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और बयानबाज़ी का दौर शुरू हो गया है। इसी कड़ी में नेता प्रतिपक्ष और राजद नेता तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर सीधा निशाना साधते हुए 12 तीखे सवाल दागे हैं। इन सवालों के सामने आते ही बिहार का सियासी माहौल और भी गर्म हो गया है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि 18 वर्षों से सत्ता में रहने के बावजूद नीतीश कुमार बिहार को अपेक्षित विकास की राह पर नहीं ला पाए। उन्होंने बेरोज़गारी, शिक्षा, स्वास्थ्य, किसान, और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों को उठाते हुए नीतीश सरकार से जवाब माँगा। तेजस्वी का आरोप है कि मुख्यमंत्री ने बिहार को सिर्फ़ वादों और जुमलों से भर दिया, जबकि ज़मीनी हकीकत कुछ और ही है।
तेजस्वी यादव के नीतीश पर 12 मुख्य सवाल
1. बेरोज़गारी – बिहार में बेरोज़गारी दर देश में सबसे ऊँची क्यों है?
2. नौकरियाँ – लाखों रिक्त सरकारी पदों को भरा क्यों नहीं गया?
3. शिक्षा – स्कूलों और कॉलेजों की स्थिति दयनीय क्यों है?
4. स्वास्थ्य – अस्पतालों में डॉक्टर और दवाइयों की भारी कमी क्यों है?
5. कृषि – किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य और समय पर भुगतान क्यों नहीं मिलता?
6. युवाओं का पलायन – राज्य से रोज़गार के लिए युवाओं का पलायन कब रुकेगा?
7. उद्योग – 18 साल में कोई बड़ा उद्योग बिहार में क्यों नहीं आया?
8. बुनियादी सुविधाएँ – बिजली, पानी और सड़क की समस्या आज भी क्यों बरकरार है?
9. अपराध – कानून-व्यवस्था की स्थिति बार-बार सवालों के घेरे में क्यों आती है?
10. भ्रष्टाचार – शिक्षा और नियुक्तियों में भ्रष्टाचार पर रोक क्यों नहीं लगी?
11. बाढ़ और आपदा प्रबंधन – हर साल बाढ़ से तबाही होती है, फिर भी स्थायी समाधान क्यों नहीं निकला?
12. आर्थिक विकास – बिहार आज भी देश के सबसे पिछड़े राज्यों में क्यों गिना जाता है?
नीतीश कुमार की चुनौती
इन सवालों ने जेडीयू और एनडीए खेमे को असहज कर दिया है। हालाँकि नीतीश कुमार और उनके सहयोगियों का कहना है कि पिछले वर्षों में सड़क, बिजली और क़ानून-व्यवस्था में बड़े सुधार हुए हैं। उनका दावा है कि बिहार 2005 की तुलना में कहीं बेहतर स्थिति में है।
वहीं तेजस्वी यादव ने इन सवालों के ज़रिए युवाओं और किसानों को अपने पक्ष में लाने की कोशिश कर रहे हैं। उनका मकसद है कि नीतीश कुमार को जनता के सामने जवाबदेह बनाया जाए। वहीं नीतीश अपने कामकाज को उपलब्धि के रूप में पेश कर मतदाताओं को साधने में लगे हैं।
बिहार चुनावी तापमान बढ़ा
चुनाव नज़दीक आते ही ऐसे सवाल और आरोप-प्रत्यारोप और भी तेज़ होंगे। तेजस्वी यादव अपने सवालों के ज़रिए युवाओं और किसानों को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि नीतीश कुमार विकास कार्यों की गिनती कराकर अपनी छवि बचाने में जुटे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिहार का यह चुनाव पूरी तरह रोज़गार, शिक्षा और विकास बनाम अनुभव और सुशासन के मुद्दों पर लड़ा जाएगा। तेजस्वी यादव की रणनीति साफ़ है—वे नीतीश कुमार को रक्षात्मक स्थिति में लाकर जनता के सामने जवाबदेह ठहराना चाहते हैं।
हालांकि कुल मिलाकर तेजस्वी यादव के 12 सवालों ने बिहार की राजनीति को और भी धारदार बना दिया है। अब देखना दिलचस्प होगा कि नीतीश कुमार इन सवालों का कैसे जवाब देते हैं और जनता किसे अपना समर्थन देती है। लेकिन इतना तय है कि इस बार का चुनाव सिर्फ़ गठबंधनों और चेहरों का नहीं, बल्कि मुद्दों और सवालों का भी इम्तिहान होगा।
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