बिहार के मुकामा में सियासी खेल हुआ और तेज। क्या 2025 विधानसभा चुनाव में JDU से ही लड़ेंगे अनंत सिंह और नीतीश कुमार देंगे टिकट। जाने पूरी खबर
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में मोकामा सीट (मोकामा विधानसभा क्षेत्र) बेहद गर्म होती जा रही है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि विवादास्पद बाहुबली नेता अनंत सिंह जदयू से चुनाव लड़ने की कगार पर हैं—लेकिन क्या उन्हें वास्तव में पार्टी से टिकट मिलेगा? आइये, जानें इस सियासी खेल के मायने।
6 अगस्त 2025 को जेल से बाहर आने के बाद, अनंत सिंह ने स्पष्ट किया कि वे “मोकामा से जदयू के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे” और साथ ही यह भी कहा, “नीतीश जी अगले 25 साल तक मुख्यमंत्री रहेंगे।” ।
9 अगस्त 2025 को उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की (लगभग 15 मिनट की बातचीत हुई) और मॉकामा से जदयू टिकट की चाह जाहिर की।
विशेषज्ञों के अनुसार
ललन सिंह (मुंगेर सांसद, जदयू के कद्दावर नेता) के अनुसार नीतीश कुमार ने मोकामा सीट को लेकर फैसला लेने का जिम्मा उन्हें सौंपा है। वे अनंत सिंह के साथ रोडशो और कार यात्रा में खुले मंच पर दिखे।
- माना जा रहा है कि वे अनंत सिंह की दावेदारी को आगे बढ़ा रहे हैं, क्योंकि मोकामा सीट पर उनका प्रभाव निर्विवाद है।
- हालांकि नीरज कुमार (जदयू प्रवक्ता व पूर्व मंत्री) के अनुसार सार्वजनिक तौर पर कहा कि “टिकट अभी फाइनल नहीं है।”
- उनका मानना है कि आपराधिक छवि वाले नेता को टिकट देने से पार्टी की साख और नीतीश कुमार की साफ-सुथरी राजनीति पर सवाल उठेंगे।
- वहीं पार्टी के कुछ अन्य वरिष्ठ नेता भी मानते हैं कि मोकामा सीट पर अनंत सिंह का दबदबा है, और यदि उन्हें दरकिनार किया गया तो वे निर्दलीय या किसी और दल से चुनाव लड़ सकते हैं—जिससे जदयू की हार निश्चित हो सकती है।
- 30 अगस्त 2025 को पटना से मोकामा तक आयोजित रोडशो में अनंत सिंह और लल्लन सिंह एक साथ दिखाई दिए—एक ही कार में यात्रा ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दिया। यह उन्हें लेकर रणनीतिक सहयोग का संकेत माना जा रहा है ।
इस घटना ने जदयू के भीतर विरोधियों और समर्थकों के बीच पारे चढ़ा दिए। प्रशासन के लिए भी यह एक चुनौती बन गया कि कानून-व्यवस्था कैसे बनी रहे ।
क्या JDU से मिलेगा अनंत सिंह को टिकट?
अभी तक स्थिति साफ नहीं है कि अनंत सिंह को जदयू से मोकामा सीट का टिकट मिलेगा या नहीं। उनके पक्ष और विपक्ष, दोनों तरह के संकेत दिखाई दे रहे हैं।
ऐसे में टिकट मिलने की संभावना व्यक्त किया जा रहा है क्योंकि अनंत सिंह ने जेल से बाहर आते ही साफ कहा कि वे मोकामा से जदयू टिकट पर चुनाव लड़ेंगे और नीतीश कुमार को अगला मुख्यमंत्री बनाने की बात कही। इसके बाद उन्होंने खुद जाकर नीतीश कुमार से मुलाकात भी की। फिर 30 अगस्त को ललन सिंह के साथ रोडशो और कार यात्रा में भी नज़र आए, जिससे यह संदेश गया कि पार्टी के बड़े नेताओं का समर्थन उनके साथ है
हालांकि जदयू के भीतर मतभेद भी सामने आए हैं। पार्टी प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि अनंत सिंह को टिकट देने से पहले पार्टी की छवि और ‘सुशासन’ ब्रांडिंग पर असर सोचना होगा। उन्होंने दो टूक कहा कि अभी टिकट फाइनल नहीं है।
ऐसे में साफ है कि नीतीश कुमार ने यह मुद्दा ललन सिंह के पाले में डाल दिया है, और वहीं से टिकट पर अंतिम निर्णय होगा। अगर जदयू को मोकामा सीट हर हाल में जीतनी है, तो अनंत सिंह सबसे मजबूत दावेदार हैं। लेकिन अगर पार्टी छवि को प्राथमिकता देती है, तो उनका टिकट कट सकता है। यानी टिकट मिलने की संभावना तो है, लेकिन यह 100% पक्की नहीं मानी जा सकती।
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