बिहार के Siwan में दिनदहाड़े एक शिक्षक को बीच बाजार में लूटा। आरोपी हुए फरार जाने पूरी खबर
बिहार में अपराध की घटनाएं लगातार लोगों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर रही हैं। ताज़ा मामला Siwan ज़िले का है, जहां बीच बाजार में दिनदहाड़े एक शिक्षक को लूट लिया गया। वारदात इतनी तेजी से हुई कि आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते, तब तक आरोपी फरार हो गए।
क्या है पूरा मामला?
घटना 25 अगस्त 2025 को सिवान के जेपी चौक क्षेत्र में हुई जब पीड़ित शिक्षक जिसका नाम शमशाद अंसारी निवासी गयासपुर (सिसवन थाना क्षेत्र)। वह अपने साथी सूरज के साथ भारतीय स्टेट बैंक से ₹4.5 लाख निकालकर वापस जा रहे थे। इस दौरान शिक्षक ने नकदी को झोले (पर्स) में रखकर बाइक के हैंडल पर टांग दिया था।
जिसके बाद शिक्षक रजिस्ट्री कचहरी मोड़ पर झोला (झोले की दुकान) खरीदने के लिए रुके। तभी एक अज्ञात व्यक्ति उनसे रास्ता पूछने का बहाना बनाकर पुछ-ताछ करता हुआ उनसे दूर गया। इसके कुछ देर बाद शिक्षक ने देखा कि उनका झोला गायब था। लूट की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई।
Siwan: पुलिस की करवाई
घटना की सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू किया ताकि घटना में शामिल अपराधियों की पहचान की जा सके। साथ ही गश्त दल को जोड़कर आसपास क्षेत्र की निगरानी बढ़ा दी गई।
इंस्पेक्टर राजू कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस दल घटनास्थल पर पहुंचा और उचक्कों की गिरफ्तारी के लिए सक्रिय हो गया, साथ ही सीसीटीवी फुटेज और पूछताछ के माध्यम से मामले की गहराई से जांच कर रहा है।
पीड़ित का बयान
शमशाद अंसारी, जो गयासपुर (सिसवन थाना क्षेत्र) के निवासी हैं, 25 अगस्त 2025 को भारतीय स्टेट बैंक से ₹4.5 लाख नकद निकालकर अपने साथी सूरज के साथ घर लौट रहे थे।
- उन्होंने कहा कि नकदी को उन्होंने झोले में रखकर बाइक के हैंडल पर टांग दिया था।
- जब वे रजिस्ट्री कचहरी मोड़ पर रुके, तभी एक अज्ञात व्यक्ति रास्ता पूछने के बहाने आया और कुछ ही देर बाद उनका झोला चोरी हो गया।
- शमशाद ने पुलिस को बताया कि जब उन्होंने झोला गायब पाया तो समझ गए कि उनसे लूट हो चुकी है।
साथी सूरज की सलाह
- शिक्षक के साथी सूरज ने उन्हें पहले ही चेतावनी दी थी कि इतनी बड़ी रकम को झोले में रखना सुरक्षित नहीं है।
- उन्होंने सुझाव दिया था कि रुपये को बैग (सुरक्षित बैग या बैकपैक) में रखें, ताकि हैंडल से आसानी से कोई छीन न सके।
- लेकिन शमशाद ने इस सलाह को नजरअंदाज कर दिया और झोले का ही इस्तेमाल किया।
संभावित सुधारात्मक कदम
Siwan जैसी घटनाओं से यह स्पष्ट है कि सुरक्षा में सुधार और लोगों की सतर्कता दोनों ही बेहद ज़रूरी हैं। ऐसे मामलों को रोकने के लिए संभावित सुधारात्मक कदम इस प्रकार हो सकते हैं:
1. व्यक्तिगत सतर्कता
- बड़ी रकम बैग में रखें: नकदी या कीमती सामान को कभी भी झोले या खुले पर्स में न रखें। मजबूत बैकपैक या क्रॉस-बॉडी बैग का इस्तेमाल करें।
- नकदी को बाँटकर रखें: पूरी रकम एक ही बैग या पॉकेट में न रखें।
- सार्वजनिक जगहों पर रोकना टालें: ज्यादा भीड़ या खुले बाजार में गाड़ी रोककर झोला या बैग संभालने से बचें।
- सहयोगी साथ लें: यदि संभव हो तो बड़ी रकम निकालते समय किसी भरोसेमंद व्यक्ति को साथ रखें।
2. बैंक और संस्थानों की जिम्मेदारी
- सीसीटीवी और सुरक्षा गार्ड: बैंक परिसर और उसके बाहर पर्याप्त कैमरे और सुरक्षा गार्ड मौजूद होने चाहिए।
- कैश एस्कॉर्ट सर्विस: बड़ी रकम निकालने वालों के लिए बैंक द्वारा पुलिस या सुरक्षा एस्कॉर्ट की सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
- ग्राहकों को जागरूक करना: बैंक नोटिस बोर्ड और काउंटर पर सुरक्षा संबंधी चेतावनी लगाएं।
3. पुलिस और प्रशासन की भूमिका
- हॉटस्पॉट इलाकों में गश्त बढ़ाना: जेपी चौक जैसे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस गश्ती होनी चाहिए।
- CCTV नेटवर्क मज़बूत करना: बाजार, चौक और बैंक के आसपास हाई-रिज़ॉल्यूशन कैमरे लगाना।
- फरार अपराधियों पर सख्ती: पुराने लूट के मामलों में शामिल अपराधियों को ट्रैक कर निगरानी बढ़ाना।
- जन-जागरूकता अभियान: थाने या चौकियों पर सुरक्षा टिप्स का प्रचार-प्रसार।
4. सामुदायिक कदम
- बाजार समिति की पहल: दुकानदार और स्थानीय समितियाँ मिलकर चौक-चौराहों पर वॉलंटियर या निजी सुरक्षा गार्ड तैनात कर सकती हैं।
- नागरिक निगरानी: आम लोग संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत पुलिस को सूचित करें।
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