बिहार के Siwan जिले में प्रशांत किशोर का “बिहार बदलाव यात्रा” महा जनसभा रैली। बोले बड़ी–बड़ी बातें जाने पूरी खबर
Siwan की जनसभा में प्रशांत किशोर ने “बिहार बदलाव यात्रा” की पृष्ठभूमि में स्पष्ट सत्ता-धारियों—कांग्रेस और बीजेपी—पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन का बिहार दौरा किसी ठोस समाधान का मार्ग प्रशस्त कर सकता है। उनका कहना था: “बिहार में बिहार की बात होनी चाहिए… चाहे तमिलनाडु के मुख्यमंत्री आएं या कर्नाटक के, इससे फर्क नहीं पड़ता” ।
प्रशांत किशोर की मुख्य बाते
1. तमिलनाडु सीएम एम.के. स्टालिन के बिहार दौरे पर सवाल
पीके ने पूछा: “क्या तमिलनाडु के मुख्यमंत्री की बिहार यात्रा से वास्तव में राज्य की समस्याएँ हल हो जाएँगी?” उन्होंने स्पष्ट किया कि “बिहार में बिहार की बात होनी चाहिए… चाहे तमिलनाडु का मुख्यमंत्री आएं या फिर कर्नाटक का, इससे फर्क नहीं पड़ता”।
2. ‘बेरोजगारी खत्म करने की यात्रा’ की आवश्यकता
उन्होंने ‘वोटर अधिकार यात्रा’ को निरर्थक बताया और कहा, “बिहार में एक ही यात्रा चाहिए — ‘बेरोजगारी खत्म करने की यात्रा’.” उन्होंने जोड़े: “बेमतलब की यात्रा करने से कोई लाभ नहीं होगा”।
3. बिहार की वास्तविक समस्याओं की ओर इशारा
उन्होंने बिहार की असल चुनौतियों का जिक्र किया — बेरोजगारी, पलायन, भ्रष्टाचार और खराब होती शिक्षा व्यवस्था। साथ ही यह टिप्पणी की कि “न तो राहुल गांधी, न प्रधानमंत्री मोदी ऐसे मुद्दों पर बात करते हैं”।
4. राजनीति में जवाबदेही और वास्तविक बदलाव की मांग
उन्होंने चेताया: “जनता को बेवकूफ़ बनाया जा रहा है, लेकिन इस बार जनता बेवकूफ़ नहीं बनेगी।” यह संदेश था कि जनता अब बदलाव चाहती है — विशेष रूप से अच्छी शिक्षा और रोजगार की दिशा में— और इसके लिए उन्होंने अपनी पार्टी, जन सुराज पार्टी, को विकल्प के रूप में पेश किया।
5. स्थायी परिवर्तन की दिशा में वोटिंग की अपील
पीके ने दावा किया कि इस चुनाव में पारंपरिक जाति-धर्म आधारित वोटिंग पैटर्न टूटेंगे। लोग शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी मुद्दों पर मतदान करेंगे, न कि जातिगत समीकरणों या भय-राजनीति पर। उन्होंने कहा कि इस बार मतदाता अपने बच्चों का भविष्य ध्यान में रखकर मतदान करेंगे।
Siwan: प्रशांत किशोर के बड़े वादे
1. बेरोजगारी पर फोकस
- उनका बड़ा वादा यह है कि बिहार में ‘बेरोजगारी खत्म करने की यात्रा’ ही असली आंदोलन होगा।
- युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना और बाहर पलायन को रोकना उनकी प्राथमिकता होगी।
2. बिहार की असली समस्याओं पर काम
- प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार की मुख्य समस्याएँ हैं—बेरोजगारी, पलायन, भ्रष्टाचार और शिक्षा की बदहाली।
- वादा किया कि जन सुराज पार्टी सत्ता में आई तो इन मुद्दों पर प्राथमिकता से कार्रवाई होगी।
3. जाति और धर्म से ऊपर उठकर राजनीति
- पीके का दावा: इस बार चुनाव में जातिगत समीकरण नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे असली मुद्दों पर वोटिंग होगी।
- वादा किया कि उनकी राजनीति “जाति-धर्म की बजाय विकास” पर आधारित होगी।
4. जनता को बेवकूफ़ न बनाए जाने का भरोसा
- उन्होंने कहा: “जनता को बार-बार बेवकूफ़ बनाया गया, लेकिन इस बार जनता बेवकूफ़ नहीं बनेगी।”
- वादा किया कि जन सुराज पार्टी जनता को सीधा जवाबदेह शासन देगी।
5. शिक्षा और बच्चों के भविष्य पर जोर
- उन्होंने अपील की कि लोग वोट डालते समय अपने बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखें।
- वादा किया कि उनकी पार्टी स्कूलों, कॉलेजों और स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने पर काम करेगी।
कुल मिलाकर प्रशांत किशोर ने वादा किया है कि उनकी राजनीति जाति-धर्म या बड़े नेताओं के दौरों पर नहीं, बल्कि बेरोजगारी खत्म करने, शिक्षा-स्वास्थ्य सुधारने और पलायन रोकने पर केंद्रित होगी। उनका दावा है कि जनता बदलाव चाहती है और इस बार “बेवकूफ़ नहीं बनेगी।
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